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इन हालात में हुई कोविड से मौत, तभी मिलेगा मुआवजा? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया निर्देश

इन हालात में हुई कोविड से मौत, तभी मिलेगा मुआवजा? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया निर्देश
Edited by नवीन कुमार पाण्डेय | नवभारत टाइम्स | Updated: Sep 14, 2021, 2:00 PMCovid Death Certificate News : ICMR और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस में कहा गया है कि कोविड पीड़ित की अगर जहर से मौत हो जाए या फिर एक्सिडेंट से मौत हो जाए या फिर आत्महत्या से मौत हो जाए तो…

Edited by | नवभारत टाइम्स | Updated: Sep 14, 2021, 2:00 PM

Covid Death Certificate News : ICMR और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस में कहा गया है कि कोविड पीड़ित की अगर जहर से मौत हो जाए या फिर एक्सिडेंट से मौत हो जाए या फिर आत्महत्या से मौत हो जाए तो उसे कोविड डेथ नहीं माना जाएगा।

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कोविड से मौत पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश। (सांकेतिक तस्वीर)

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह कोविड डेथ सर्टिफिकेट को लेकर जारी गाइडलाइंस में उस तथ्य पर विचार करे जिसमें कोविड पीड़ित के आत्महत्या करने के मामले को कोविड डेथ की श्रेणी में नहीं रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह इस मामले में दोबारा अपने फैसले पर विचार करे।कोविड डेथ पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने हाल में कहा था कि कोविड से जुड़ी मौत के मामले में डेथ सर्टिफिकेट जारी करने के बारे में आईसीएमआर और हेल्थ मिनिस्ट्री ने गाइडलाइंस जारी की हैं। गाइडलाइंस में कोविड से मौत घोषित किए जाने के लिए जो शर्त हैं, उनमें से एक ये है कि अगर मौत जहर, आत्महत्या या एक्सिडेंट से हुई हो तो उसे कोविड से मौत नहीं माना जाएगा, चाहे उस शख्स का कोविड टेस्ट पॉजिटिव हो।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया यह सुझाव

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह की अगुआई वाली बेंच ने सोमवार को इन गाइडलाइंस पर विचार किया और कहा कि कोविड डेथ सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए गाइडलाइंस जारी की गई हैं। उसमें कहा गया है कि कोविड पीड़ित की अगर जहर से मौत हो जाए या फिर एक्सिडेंट से मौत हो जाए या फिर आत्महत्या से मौत हो जाए तो उसे कोविड डेथ नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में कोविड मरीज के आत्महत्या मामले को कोविड डेथ से बाहर रखना स्वीकार्य नहीं लगता। ऐसे में सरकार इस पर विचार करे।

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केंद्र से गुहार

बता दें कि कोविड से मौत के मामले में जारी होने वाले सर्टिफिकेट को आसान बनाने के लिए अदालत ने केंद्र सरकार को गाइडलाइंस तैयार कर उसकी अमल रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने 11 सितंबर को पेश करने का निर्देश दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील गौरव बंसल ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून को आदेश पारित किया था और केंद्र सरकार को इस आदेश का आदर करना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किया था कि कोविड से मौत के मामले में डेथ सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया आसान बनाए और इसके लिए गाइडलाइंस लाई जाएं।

  1. कोरोना से मृत्यु की शर्त नंबर 1
    कोविड की पुष्टि होने के बाद अगर अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी टेस्ट के 30 दिनों के भीतर अस्पताल से बाहर मौत हो जाए तो कोविड से हुई मृत्यु मानी जाएगी।
  2. कोरोना से मृत्यु की शर्त नंबर 2
    कोविड टेस्ट पॉजिटिव होने या फिर क्लिनिकल तरीके से यह पता चले कि कोविड हुआ था और 30 दिन के दौरान मौत हो जाए तो मौत की वजह कोविड ही लिखी जाएगी। चाहे मौत अस्पताल से बाहर ही क्यों न हुई हो।
  3. कोरोना से मृत्यु की शर्त नंबर 3
    किसी मरीज को कोविड हुआ हो और वह लगातार अस्पताल में है। वह 30 दिनों से ज्यादा वक्त से अस्पताल में रहा हो तो भी मौत हो जाने पर कोविड से डेथ ही मानी जाएगी।
  4. …तब नहीं मानी जाएगी कोरोना से मृत्यु
    अगर मौत का कारण जहर, आत्महत्या या एक्सिडेंट से हुआ हो तो उसे कोविड से मौत नहीं माना जाएगा चाहे कोविड टेस्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई हो।

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Web Title : if a corona patient commits suicide, then consider giving certificate of covid death certificate, says supreme court
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